बाबा रामदेव ने मध्यप्रदेश और मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, भारत माता के माथे पर कलंक बताया…

भोपाल: विश्व प्रसिध्द योग के गुरु मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मीडिया को दिए अपने बयान में मोदी सरकार की खामियां गिनाते हुए नज़र आये. बाबा रामदेव ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा बयान जारे किया है जिसमे वे खासतौर से युवाओं को रोज़गार दिए जाने की बात पर जोर देते नज़र आये.

बाबा रामदेव बोले की इस मौजूदा राज्य और केंद्र दोनों ही सरकार ने जितना काम करना था, उतना काम नहीं किया. और सरकार से ज्यादा रोज़गार तो हमने मुहैय्या कराये हैं. एक निजी कार्यक्रम में शमी होने के दौरान उन्होंने ये बात कही. साथ ही बताया की 1 महीने में हमने लगभग 11 हज़ार लोगों के लिए नौकरियां दी हैं और आगे भी इसी तरह से देते रहेंगे.

बेरोजगारी भारत माता के माथे पर कलंक

आपको बता दें की देश में हालात को देखते हुए हमेशा से मोदी सरकार के समर्थन में खड़े रहने वाले बाबा रामदेव के दिल का दर्द अब झलकने लगा है. और उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को अपने मीडिया में दिए इस बयान के ज़रिये इशारा देने की कोशिश की है. की देश को अब वाकई में विकास की ज़रूरत है, जुमलों से काम नहीं चलने वाला.

योग गुरु रामदेव ने भारत में फेलती इस बेरोजगारी, भूखमरी, और गरीबी को भारत माता के माथे पर कलंक बताया है. क्योंकी देश में बेरोजगारी नाम का संकट अब चरम सीमा पर है. बाबा ने कहा कि न तो केंद्र  सरकार ठीक से काम कर पा रही है और ना ही राज्य सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठा रही है.

पतंजलि ने दीं नौकरियां, और लोगों को रोज़गार

रोज़गार के क्षेत्र में अगर देखा जाए तो वाकई में पतंजलि ने न केवल लोगों को नौकरियां दीं, वाल्की युवाओं और उध्ध्मियों को रोज़गार भी दिया. बाबाजी ने बताया की सिर्फ अकेले मध्य प्रदेश में ही हमने 1500 लोगों के लिए  नौकरियां दीं, और में इसी वजह से यहाँ आया हूँ.

शिवराज सिंह की जनआशीर्वाद यात्रा पर नहीं बोले

मीडिया के शिवराज सिंह की जनआशीर्वाद यात्रा के सवाल पर बाबा चुप रहे. और उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज की जनआशीर्वाद यात्रा पर किसी भी तरह का जवाब नहीं दिया.

बाबा रामदेव ने स्वामी अग्निवेश पर हमले की घटना को घोर निंदनीय बताया. बाबा रामदेव ने कहा कि इस तरह एक संत पर हमला करना उनकी पिटाई करना कतई शोभनीय नहीं है. मध्य प्रदेश में प्रदेश में बाबाओं को राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने के सवाल पर वे बोले की बाबा रामदेव एक ऐसे सन्यासी हैं जिन्हें कभी भी न मंत्री बनना है और न ही मुख्य्मंत्री बनना है.