भारत में इस तारीख को ईद मनाई जाएगी जबकि सऊदी अरब में दूसरी तारीख को ईद

आपको और सभी मुस्लिम आवाम को इस पाक रमजान के माह का इन्तेजार रहता है, और सभी मुस्लिम इस महीने में ऊपर वाले के की इबादत करते है और एक माह तक रोज़ा रखते है. और जैसा कि सभी को पता है यह पाक महिना कुछ दिनों में पूरा हो जायेगा है इसलिए लोग बेसब्री से इस्बदत में मशगूल है.

सऊदी अरब के मौसम विभाग के अनुसार इस साल रमजान केवल 29 दिनों के लिए ही है और इसीलिय इस बार ईद अल-फ़ितर15 जून को मनाई जाएगी लेकिन विदिशों ख़बरों के अनुसार ये बताया गया कि इस ये खगोलीय गणना ईद के चाँद के दिन मौसम में ऐसा बदलाब देखने को मिलेगा.

जिसको देखकर ईद मनाई जाएगी लेकिन एक पहले यानी, 14 जून को ये पाक माह खत्म होगा और उसी दिन ईद का सुहाने चाँद का दीदार किया जायेगा और इस्लामी कैलेंडर सिर्फ चाँद चक्र का पालन करता है, इस लिए कभी कभी ये माह 29 दिन और 30 का भी हो सकता है.

इस तरह के बदलाब की वजह से ही इस्लामी केलेंडर तारीखे सटीक नही होती है और नया चाँद आता है तभी से इसकी शुरुआत होती है जब तक दूसरी बार नया चाद न दिखाई दें तब तक ये माह चलता है. दोनों देशों भारत और अरब में वक़्त का भी अंतर होने के कारण ईद की तारीख अलग अलग हो सकती है.

इस पाक महीने की शुरुआत परंपरागत रूप से “हिलाल” दृश्यों के आधार पर है, जो कुरान-ए-पाक में बताया गया, नबी ने भी फ़रमाया कि ऐसे में अगर कोई शख्स उपर आसमान की तरफ नज़र डालता है तो उसे बहुत बारीक चाँद का दीदार होता उसे ही हिलाल कहा जाता है.

जब रमजान की शुरुआत होती है तो हिलाल दिन में भी दिखता है और रात में भी हिलाल दिखता है यदि हिलाल रात में दिखाई देता है तो अलगी सुबह से ही पहला रोज़ा माना जाता है, चाँद के दीदार के बाद ही पाक महीने की शुरुआत होती है उसी चाँद को देखकर को ईद मनाई जाती है और जब दिनी और इस्लामिक केलेंडर नही थे तब भी चाँद को देखा जाता था.