विडियो: डॉ. ज़ाकिर नाईक को भारत लाने की खबर निकली फर्जी, एक बार फिर भारतीय मीडिया की किरकिरी

जैसा कि आज आप आज सारे दिन से सभी न्यूज़ चैनलों और न्यूज़ पोर्टल वेबसाइट पर डॉ. जाकिर नाईक को मलेशिया से भारत लाने की खबरें चल रहीं थी. जिसमे कुछ मीडिया वालों ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया था की, डॉ. जाकिर नाईक को आज रात तक भारत लाया जा सकता है.

क्या मीडिया ने केंद्र सरकार को अरविन्द केजरीवाल से मुहं की खाने के बाद उस खबर को जाकिर नाईक की खबर से दबाया?

मीडिया में ख़बरों के अनुसार मलेशिया की सरकार द्वारा डॉ. जाकिर नाईक को भारत को सौंप दिया गया है और आज रात तक में मलेशिया से कुआलालम्पुर के लिए प्लेन से उन्हें ले जाने की खबर थी. लेकिन इसी बीच मीडिया की अफवाहों का खंडन करते हुए डॉ. जाकिर नाईक के प्रवक्ता का मैसेज आया जिससे भारतीय मीडिया की सारी ख़बरें झूटी साबित हुईं.

डॉ. जाकिर नाईक के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डॉ जाकिर नायक का भारत आने का फिलहाल कोई इरादा नहीं हैं. और जब तक उन्हें ऐसा नहीं लगता भारत सरकार उनके साथ निष्पक्ष जांच और कार्यवाही नहीं करेगी, तब तक में भारत नहीं आएंगे.

साथ ही ये भी बताया कि मीडिया में चल रही डॉ जाकिर नायक को भारत लाने की ख़बरें कोरी अफवाह है और कुछ नहीं. अब सवाल ये पैदा होता है की ये डॉ. जाकिर नाईक को भारत लाने की पुख्ता सूचना की खबर सबसे पहले किसको मिली?

क्या भारतीय मीडिया ने जल्दबाजी खबर देने की होड़ में या किसी और बात को दबाने के लिए ये सब फर्जी अफवाह फैलाई? आज दोपहर के बाद लगभग 1 बजे से मीडिया में डॉ. जाकिर नाईक को भारत लाने वाली ख़बरें फैलने लगी थी.

फिलहाल डॉ जाकिर नायक को हिन्दुस्तान लाने की गरम खबरें अब ठंडी हो चुकी हैं. क्योंकी उनके प्रवक्ता ने यह साफ कर दिया है, कि डॉक्टर जाकिर नायक का भारत आने का अभी कोई इरादा नहीं है. और वह जहां भी है सुरक्षित हैं.

इस खबर का उन्होंने पूरी तरह खंडन किया है की मलेशिया की सरकार ने डॉ. जाकिर नायक को भारत सरकार के हवाले कर दिया है. और कुछ मीडिया में इस तरह की बात भी चल रही थी कि जाकिर डॉक्टर नायक भारत के लिए रवाना हो चुके हैं.

आपको बता दें की 52 वर्षीय नाइक पर कुछ इस तरह से आरोप लगे हैं कि पिछले साल ढाका में हुए आतंकी हमले के तार नाइक से जुड़े थे. नाइक और उसके एनजीओ आरोप है कि वह विदेशी चंदे की मदद से आतंक फैलाने का काम करता है. वहीँ मामला सामने आने के बाद केंद्र ने नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का बैन लगाया है. इसके आलावा नाइक पर यूके, कनाडा, मलेशिया समेत पांच देशों में बैन है.