गौरक्षक ही कर रहे थे गायों की तस्करी, बीएसएफ ने तीन गौतस्करो को किया गिरफ्तार

देश भर में गोरक्षा के नाम पर आतंक का दौर जारी है हाल ही में ऐसे कई मामले देखने में आए है जहां गोतास्त्कारी का आरोप लगते हुए हर किसी को भीड़ अपना शिकार बना रही है. गोरक्षा के लिए काम कर रहे गोरक्षकों की नजर में गाय के साथ दिखने वाले हर अल्पसंख्यक गोतास्कर है.

लेकिन सच की बात करे तो अब तक कई ऐसे हैरान करने वाले मामले सामने आए है जिनमें देखने में आया है कि दिन के आजले में गोरक्षा का काम करने वाले ही रात के अंदरे में गोतास्कर पाए गए है. अब तक कोई मामले देखने को मिले है जहां पकडें गए गोतास्कर किसी गोरक्षा संगठन से जुड़े हुए पाए गए.

ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला पश्चिम बंगाल के मालदा में सामने आया है. जहां बीएसएफ ने तीन गाय तस्करों को गिरफ्तार किया है. यह तीनों गायों की तस्करी बांग्लादेश में कर रहे थे तीनों की गिरफ्तारी आदमपुर भारत-बांग्लादेश सीमांत इलाके के बताए जा रहे है.

गिरफ्तार करने के बाद बीएसएफ अधिकारियों ने आरोपी तस्करों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है. पुलिस की प्रांरभिक जांच में सामने आया है कि अभी महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है आदमपुर सीमांत इलाके से होती हुई यह नदी के उस पार बांग्लादेश है.

इन दिनों नदी के जरिये गायों की तस्करी धड़ल्ले से चल रही है. पकड़ें गए तस्करों की पहचान रामू चौधरी, आलोक चौधरी और गया चौधरी के रूप में की गयी है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दिन आरोपी आदमपुर के छोटपुर इलाके में नदी के पास गायों को केला के थम्ब को रस्सी के जरिये बांध रहे थे.

यह लोग मवेशियों को उस पार करा पाते इससे पहले ही उन्हें बीएसफ के जवानों द्वारा पकड़ लिया गया. इस दौरान 28 गायों को भी जब्त किया गया. बताया जा रहा है कि यह लोग एक गोरक्षा संगठन से जुड़े हुए है. वहीँ इससे पहले मध्यप्रदेश के छतरपुर में अवैध रूप से गाय ले जा रहा एक ट्रक पकड़ा गया था.