जानिए उन 6 अफ्रीकी मुसलमानों को जिन्होंने अमेरिका में इस्लाम को फैलाया

इस्लाम 10वीं शताब्दी के बाद पश्चिम अफ्रीका में आया था हमेशा इस्लाम व्यापार का धर्म रहा है. इसके अलावा इसका अर्थ यह भी है कि ओटमन साम्राज्य एवं अमेरिका के दौरान मॉर्स्कोस और ट्रान्साटलांटिक दासों के जरीय यूरोप में फैल जाने से पहले इस्लाम के संपर्क में कई पश्चिमी अफ्रीकी आए थे.

लॉस्ट इस्लामिक हिस्ट्री के अनुसार एक अफ्रीकी मुस्लिम का एक उदाहरण जो इस्लाम को अमेरिका लाया बिलाली मुहम्मद है. अयूब जॉब डैलो यारो ममौत इब्राहिम अब्दुलरहमान इब्न सोरि उमर इब्न साद और सली बिलाली जैसे नाम हैं. आइए उनके बारे में विस्तार से जानते हैं:

बिलाली मुहम्मद Bilali Muhammad

बिलाली मुहम्मद

अफ्रीका के क्षेत्र में 1770 के आसपास जन्में बिलाली मुहम्मद फुलानी जनजाति का अभिजात वर्ग से थे. वह अरबी जानते थे और हदीस तफसीर और शरिया मामलों के जानकार थे. मलिकी मदबैब से बिलाली मुहम्मद ने इस्लामी कानून पर 13 पेज की एक पांडुलिपि भी लिखी थी इसे बिलाली दस्तावेज कहा जाता था.

उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले इसे अपने दोस्त को उपहार में दे दी थी. तब तक पांडुलिपि को एक डायरी माना जाता था जब तक कि काहिरा में अल-अजहर विश्वविद्यालय इसे नहीं समझा था. इसके बाद इस पांडुलिपि को बेन अली डायरी या बेन अली जर्नल के नाम से जाना जाता है.

अयुब सुलेमान डिआल्लो Ayuba Suleiman Diallo

अयुब सुलेमान डिआल्लो का जन्म एक सम्मानित फुल्बे मुस्लिम परिवार में हुआ. इन्हें जॉब बेन सुलेमान भी कहा जाता था. उन्होंने कुछ यादें लिखीं सेनेगल में अपने अभिजात वर्ग की जड़ों में वापस लौट आया.

यार्रो मामौत Yarrow Mamout

यार्रो मामौत

यार्रो ममौत का जन्म 1736 में गिनी में पैदा हुआ था. वह अपनी बहन के साथ मैरीलैंड में 14 साल की उम्र में पहुंचे थे. अरबी के मुताबिक उन्होंने अपनी मृत्यु तक खुले तौर पर इस्लाम का अभ्यास किया.

अब्दुलरहमान इब्राहिम इब्न सोरि Abdulrahman Ibrahim Ibn Sori

अब्दुलरहमान इब्राहिम इब्न सोरि

गिनी में पैदा हुए थे इब्राहिम अब्दुलरहमान इब्न सोरि. उन्हें प्रिंस अमोन्सग गुलाम के रूप में भी जाना जाता था. अब्दुलरहमान एक सैन्य नेता थे. वह एक हमले के बाद गुलाम बन गए. उन्होंने अरबी में पश्चिम अफ्रीका में अपने परिवार को एक पत्र भी लिखा था.

उमर इब्न साद Omar ibn Said

उमर इब्न साद

उमर इब्न साद 1770 में सेनेगल के फुटा तोरो में पैदा हुए थे. उन्हें मुस्लिमफुसा के अनुसार उमर मोरौ और प्रिंस ओमेरोह के रूप में जाना जाने लगा. हालांकि कुछ ऐसी रिपोर्टें हैं जो कहती हैं कि वह बाद में ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए फिर भी वह एक इस्लामी विद्वान होने के लिए जाने जाते थे. जिन्होंने अंकगणित से धर्मशास्त्र के कई क्षेत्रों में और कई अरबी ग्रंथ लिखे थे.

सली बिलाली Sali Bilali

माली में साली बिलाली का जन्म हुआ था जिस पर 1782 में कब्जा कर लिया गया था. ऐसा बताया गया था कि उनकी मृत्यु म्यान पर उनके अंतिम शब्द विध्वंस संस्थान के अनुसार शाहदा थे. शिकागो डिफेंडर के संस्थापक रॉबर्ट एबॉट उनके ही वंशज हैं. अंत में सभी महाद्वीपों ने इस्लाम के प्रसार में योगदान दिया था.