स्टिंग: NDTV के गुप्त कमरे में कैद हुआ अलवर कांड का आरोपी, बोला मेने काट दिया उसको बड़ा सुकून मिला

दोस्तों देश के हालात बेहद गंभीर हो चले हैं. और भीड़ द्वारा हिंसा करने समुदाय विशेष के व्यक्तियों को मारने की अब तक लगभग 65 से भी ज्यादा घटनाएँ हो चुकी हैं जिनमे इन सभी लोगों की मौत का कारन ये भीड़ बन चुकी है.

नेताओं द्वारा हत्यारी भीड़ का समर्थन इन्हें हमेशा से ही बचाता आ रहा है साथ ही सरकार भी इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है अभी हाल ही में अलवर में 45 वर्षीय कासिम कुरैशी की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है.

अलवर में हुई इस घटना में भीड़ द्वारा दो मुस्लिम व्यक्तियों की बेरहमी से पिटाई की गई थी. जिनमे से एक 45 वर्षीय व्यक्ती की घटनास्थल पर ही पानी मांगते-मांगते मौत हो गयी थी. साथ ही 65 वर्ष उम्र के एक बुज़ुर्ग की गंभीर रूप से पिटाई करने के बाद उनकी दाड़ी भी कई बार नोची गयी थी.

इस घटना के बाद वीडियो के आधार पर कुछ आरोपियों की पहचान की गई और उन में से 9 पर केस भी दर्ज हुआ. लेकिन कुछ ही समय में इनमे से 4 आरोपी इतने घम्भीर अपराध के चलते भी जमानत पर रिहा कर दिए गए.

इस घटना की तमाम लीपापोती के बावजूद मीडिया में यह खबर लगभग गायब सी हो चुकी थी. लेकिन NDTV में दो पत्रकारों ने इस मामले की तह तक जाने का जोखिम उठाया और आज आप यहां जो कुछ जान पा रहे हैं  वो इन पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक भयानक सच्चाई को दुनिया के सामने रखा. क्योंकि किसी जघन्य हत्याकांड के अपराधी से किसी पत्रकार का मिलना सीधा-सीधा मौत को दावत देना होता है.

इन दो पत्रकारों ने अपने आप को एक अमेरिकी संस्था का सदस्य बताते हुए RSS और हिंदू संगठनों को लेकर कोई सर्वे करने की बात कही. जब इन्होंने उन आरोपी के साथ घुल मिलकर बातें करना शुरू किया तो एक भयानक सच्चाई सुनने को मिली.

आरोपी ने कासिम की हत्या करने की बात इतने गर्व से बताई जिसे सुनकर आपको लगेगा वाकई में क्या हमारे भारत में किस तरह के और न जाने कितने हत्यारे और दंगाई तैयार किए जा रहे हैं. इनके दिमाग में ऐसा क्या जहर भरा गया कि इसने एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या करने के बाद अपने आप पर गर्व महसूस कर रहा है.

हत्या का मुख्य आरोपी युधिष्ठिर सिसोदिया जो घटना के 18 दिनों बाद ही ज़मानत पर बाहर भी आ गया इसने बताया जब मैं जेल से ज़मानत पर रिहा हुआ तो 4 गाड़ियों के साथ तमाम लोग वहां मौजूद थे जिन्होंने बाहें फैलाकर मेरा भव्य स्वागत किया गया तो यह सब देख कर मुझे अपने आप पर बहुत गर्व महसूस हुआ जैसे मैंने कोई बहुत बड़ा काम किया है.

पुलिस ने केस को रोड रेज बताया जबकि केस डायरी में लिखा हुआ है कि ये सारी हिंसा गौ हत्या को लेकर हुयी थी. बेल ऑर्डर में इस अंतर्विरोध का भी ज़िक्र भी किया गया है. पुलिस के अनुसार उसके पास सैमुद्दीन का बयान है. लेकिन सैमुद्दीन ने इस तरह का कोई कोई बयान ही नहीं दिया.

Truth VS Hype की मरियम ने काफी कुछ बैटन का पता लगाया था जिसको NDTV ने भी दिखाया था. इधर कासिम के परिवार वालों ने कहा कि कासिम बकरी का बिजनेस करता था गाय का नहीं. मरियम ने मुख्य आरोपी से बात की तो वह साफ-साफ कह रहा है कि गौ मांस को लेकर ही झगड़ा हुआ था. यानी सौरव की रिपोर्ट और मरि‍यम की पहले की रिपोर्ट से साफ है कि आरोपी अपनी भूमिका को लेकर पुलिस से ज्यादा स्पष्ट हैं.