राम का जन्म लाखों साल पहले हुआ तो कैसे सुनिश्चित हो कि कहां पर हुआ था? जस्टिस मार्कंडेय काटजू

नई दिल्ली: इलाहबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस मार्केंडय काटजू ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पीछले लम्बे समय से चल रहे विवाद को लेकर एक बयान दिया है. काटजू का यह बयान अयोध्या विवाद को देखते हुए बड़ा बयान माना जा रहा है.

काटजू ने अपने ट्वीटर अकाऊंट के जरिये ट्वीट करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर यह कैसे तय किया जाये कि राम का जन्म कहाँ पर हुआ था. सोशल मीडिया साइड ट्वीटर पर एक के बाद कई ट्वीट करके उन्होंने कई सवाल खड़े किए.

उन्होंने कहा कि विष्णू पुराण के अनुसार राम त्रेता युग में पैदा हुए और अब यह कलयुग चल रहा है यानी की 432000 साल पहले और अगर हम द्वापर और त्रेता युग को मिला लिया जाये तो यह 864000 होता है.

आगे जस्टिस काट्जू ने लिखा कि राम का जन्म जब लाखों साल पहले हुआ तो आखिर यह कैसा कहा जा सकता है कि राम का जन्म कहां हुआ. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण के अनुसार राम एक महान राजा थे लेकिन वह भगवान नहीं थे.

पूर्व जस्टिस काटजू ने सवाल किया कि तुलसी दास द्वारा रचयित रामचरित्र मानस के आधार पर राम को भगवा कैसे माना जा सकता है. आपको बता दें कि राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर अयोध्या में यह विवाद करीब दो दशक से भी ज्यादा लम्बें समय से चल रहा है. कई हिन्दू संगठनों का दावा है कि ये राम जन्म भूमि है. इसी के चलते कुछ समय पहले बाबरी मस्जिद शहीद कर दी गई थी.