सोशल मीडिया पर जिस रजिया बानो का स्क्रीनशॉट धड़ल्ले से वायरल हो रहा है, वो निकले शर्मा जी

देश में फेक न्यूज की समस्या लगातार बढ़ रही है. फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया पर इसका इस्तेमाल गलत और झूठी सूचनाएं फैलाने के लिए धड़ल्ले से हो रहा है.

हाल ही में एक स्क्रीन शॉट धड़ल्ले से वायरल हो रहा है, नाम है रजिया बानो, जी की पाकिस्तान की फातिमा यूनिवर्सिटी से हिंदी पढ़ी हुई हैं, यह रजिया बानो शुद्ध हिंदी नहीं बल्कि कट्टर हिंदी, जी हाँ कट्टर हिंदी इसलिए की पाकिस्तान में रहते हुए भी वो हिंदुत्व की पक्षधर रही है, इस्लाम विरोधी टिप्पणियां करने पर पकिस्तान गवर्नमेंट उन्हें आर्थिक और सामजिक संरक्षण देता होगी।

रजिया के नाम से वायरल ये स्क्रीन्शोट, जिसमे एक विशेष प्रकार की मानसकिता सामने आ रही है. एक सोच, जो लोगो को एक दुसरे का कातिल बना देगी, एक एसी सोच जो हिन्दुस्तान के अमन और शांति के लिए खतरा है, ये कौन लोग हैं हमने इसकी पड़ताल करने के लिए रजिया बानो की फेसबुक आईडी को सर्च किया।

जिस लड़की का नाम रजिया बानो है, हम उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर गये. लेकिन सोचने वाली बात है कि उसने जिस तरह की पोस्ट की हैं, इससे पहले भी उसने इस तरह से कोई और भी पोस्ट की होगी, और हमारा शक सही निकला, उनकी पूरी प्रोफाइल साम्प्रदायिक नफरतों पोस्टो से भरी पड़ी थी, लेकिन हमारी आँखें तब फटी रह गयी जब उनकी एक पोस्ट पर हमने हैरत अंगेज कमेन्ट पड़े।

रजिया बानो की फेसबुक आईडी पे जाकर ये वार्तालाप पड़ी, रजिया बानो ने 20 May की शाम को तीन बजे एक स्टेटस पोस्ट किया, लोग असमंजस में है, तो कुछ लोगो की ठरक जागी हुई है, हेलो रजिया जी, कैसी हो. आप कहाँ से हो? वगैरह -वगैरह कई सबाल थे लेकिन कुछ लोग इस हरामीपन को पहचान गये थे की ये रजिया बनो नहीं बल्कि शर्मा जी है।

एक भाईसाब ने तो रजिया बानो को साफ़ तौर पे लिखा था- (पवन भाई अब मुल्ली बनोगे क्या?) सोरी मुल्ला? इसके साथ ही नीचे कमेन्ट में नवीन मिश्रा ने कमेन्ट किया की नाम क्यों बदल लिया शर्मा जी?

इस फेसबुक आईडी की वार्तालाप को पढ़कर यह बिलकुल साफ़ होता है की ये कोई रजिया बानो नहीं बल्कि कोई शर्मा जी है, जिनका नाम पवन शर्मा है, लेकिन पवन शर्मा( रजिया बानो ) ने नहीं सोचा था की उनका ये स्क्रीन्शोट वायरल हो जाएगा, अगर सोचते तो अपनी पुरानी पोस्ट जरूर डिलीट कर देता।

इस पवन शर्मा को अपनी फेसबुक आईडी पर इस्लाम धर्म अपनाकर मुसलमान बनने की ज्यादा ही जल्दी थी, और लड़की बनने की प्यास और वो भी पाकिस्तानी लड़की, अक्ल के अँधा ये बंदा धार्मिक उन्माद फैला कर क्या हासिल करना चाहता है, यही वो पवन शर्मा है जिसने NDTV के वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार, और राणा अयूब के नाम से फर्जी ट्वीट और फेसबुक पोस्ट कर धार्मिक उन्माद भडकाया और उनपर कीचड उछलने का काम किया।

बता दे इन फेसबुक आईडी और ट्वीट के स्क्रीन्शोट के मद्देनजर फेसबुक पर इस लकड़ी/लड़का/ट्रांसजेंडर की घटिया हरकत का सबलोग विरोध कर रहे हैं, न्यूज़ पोर्टल Fusenews के संपादक अनस नवाब ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर इस लकड़ी/लड़का/ट्रांसजेंडर की हरकत की बखिया उधेडी है।

अनस नवाब ने लिखा- मंदसौर में हुई भयावह और शर्मसार कर देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, सभी धर्मों के लोगों ने इसकी भरपूर निंदा की, लेकिन देश की एकजुटता के इकलौती दुश्मन संघी ब्रिगेड के मज़दूर जो फिलहाल BJP IT सेल में कार्यरत हैं उनको हमेशा की तरह देश का एकजुट होना रास नहीं आया और वो लग गए काम पर। नीचे दिया गया पहला स्क्रीनशाॅट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, क्या पढ़े लिखे और क्या अनपढ़ सब इसको ख़ूब शेयर कर रहे हैं बिना इसकी असलियत जानें।