सऊदी: सुधार के बावजूद भी लगातार बढ़ती जा रही है बेरोजगारी, मोहम्मद बिन सलमान पर उठ रहे हैं सवाल

दुनिया में एक बड़ी शख्सियत के तौर पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान उभर कर आयें है. मोहम्मद बिन सलमान हमेशा इन्टरनेशनल मीडिया की खुर्खियों में बने रहते है. सलमान से जुड़ी हर खबर दुनिया भर में वायरल हो जाती है.

सऊदी क्राउन प्रिंस बनने के सिर्फ एक साल में ही उन्होंने सऊदी में बहुत कुछ बदल दिया है. बिन सलमान इन दिनों एक बार फिर से इंटरनेशनल मीडिया में चर्चाओं में आ गये है. बिन सलमान सऊदी को नई उच्चाईयों पर ले जाने के लिए काम कर रहे है.

इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सऊदी अरब में विज़न 2030 को लांच किया है. बिन सलमान के विज़न 2030 का उद्देश्य सऊदी से काम करने वाले प्रवासियों को निकालकर उनकी जगह स्थानीय सऊदी नागरिकों को नौकरी देना है. जिससे की सऊदी नागरिकों में बढ़ रही बेरोजगारी को कम किया जा सके.

सऊदी जनरल सांख्यिकी कार्यालय द्वारा अपनी पहली त्रैमासिक आर्थिक रिपोर्ट पेश की गई है जिसके मुताबिक सऊदी नागरिकों के बीच औसत बेरोजगारी दर पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में बढ़ गई है. पहले 12.8% से बढ़कर इस साल 12.9% की रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है. वहीँ सऊदी महिलाओं का बेरोज़गारी दर 75.6% है.

वहीँ इस रिपोट्स के अनुसार सऊदी नागरिक और वहां रहने वाले विदेशियों में संभावित औसत बेरोजगारी दर 6.1% है जो पहले 6% थी. सऊदी में काम करने वालों की कुल संख्या 13.33 मिलियन है जिसमें 10.18 मिलियन विदेशी 76.5% और 3.15 मिलियन स्थानीय नागरिक 23.6% हैं.

सऊदी अरब में बेरोजगारी दर में बढोत्तरी एक ऐसे समय में हुई है जब सऊदी पिछले काफी समय से रोजगार के क्षेत्र में विदेशी कामगारों के स्थान पर स्थानीय सऊदी नागरिकों को नौकरी पर रख रहा है. सऊदी ने पिछले काफी समय से विदेशी कामगारों की संख्या में कटौती की है. इसके बाद सलमान बिन की योजनाओं पर सवाल उठने लगे है.