शरियत में जिसे बताया गया है हराम, उसे जमकर तोड़ रहे हैं मुसलमान

इस्लाम के धार्मिक कानून शरीयत में इस्लाम को लेकर ऐसे कई चीजें है जिन्हें हराम बताया गया है. अगर आप वो सभी चीजें करते है तो आप शरियत कानून का उल्लंघन कर रहे होते है. शरीयत में स्वास्थ्य, खानपान, पूजा विधि, व्रत विधि, विवाह, जुर्म, राजनीति, अर्थव्यवस्था जैसी कई चीजें को हराम बताया गया है.

आपको बता दें की इसके आलावा इस्लाम में चैटिंग और प्रोफाइल फोटो तक लगाना हराम है. देवबंद नगर के मोहल्ला बैरुन कोटला में रहने वाले एक शख्स ने दारुल उलूम देवबंद के फतवा विभाग में कई सवाल पूछे थे. साथ ही उस शख्स ने पूछा था कि उसके जानने वाले लोग फेसबुक, व्हाट्स-एप ग्रुप जैसे कई सोशल मीडिया पर एक दूसरे से बात करते हैं.

जबकि ऐसे सोशल मिडिया ग्रुप में कई सारे लोग अजनबी भी हैं. तो क्या ऐसे में सोशल मीडिया में अपने स्टे्टस पर अपनी या फिर किसी भी जानने वाले की तस्वीर लगाई जा सकती है? साथ ही किसी भी दूसरे व्यक्ति से चैटिंग करना इस्लाम और शरीयत के हिसाब से कितना सही है.

दारुल इफ्ता की खंडपीठ ने उस शख्य के सवाल के जवाब में कहा है कि जब शरीयत में तस्वीर खींचना हराम है, तो उसे वाट्स-एप या फिर किसी भी तरह के सोशल मीडिया या फिर प्रोफाइल में फोटो कैसे लगा सकते हैं.

सोशल मीडिया पर खून के रिश्तों के अलावा भी कई अंजान लोग उस तस्वीर को देखते हैं. दारुल इफ्ता की खंडपीठ के मुफ्ती-ए-कराम ने कहा है कि लड़के, लड़कियों या औरत-मर्द जो अंजान हो उनका आपस में बिना किसी जरूरत के बात करना भी जायज नहीं है.