संघी चैनल सुदर्शन न्यूज़ फैला रहा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली ख़बरें, जानिए यूपी पुलिस के खिलाफ मस्जिद के फरमान की सच्चाई

सुदर्शन न्यूज़ चैनल देश में दुष्प्रचार कर रहा है खबरों को गलत तरीकों से पेश कर रहा है. आखिर समझने वाले बात यह है कि सुरदर्शन न्यूज़ चैनल का उद्देश्य क्या है. क्या यह समाज में अशांति फैलना चाहता है क्या इसका उद्देश्य देश में जहर फैलना है क्यों आखिर गलत खबरे पेश की जाती है.

Suresh Chavhanke

सुदर्शन न्यूज़ जो कई बार पहले भी फेक न्यूज़ के लिए चर्चा में आ चूका है एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार सुदर्शन न्यूज़ ने एक खबर को घुमाकर उसे एक अलग नजरिया दिया जिसे देखने के बाद हर किसी को एक समुदाय विशेष के लिए गुस्सा आ जाए इस तरह से खबर को पेश किया गया.

जिसका उद्देश्य देश में अराजकता फैलना और साम्प्रदायिकता को बढ़ना था. सुदर्शन न्यूज़ चैनल के मुख्य संपादक ने एक लेख के साथ अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि शुरू हो गया वो सब कुछ जिसका डर था. यूपी की एक मस्जिद से आया फरमान, टुकड़े टुकड़े में काटना है यूपी पुलिस वालों को.

सुदर्शन न्यूज़ के इस लेख का शीर्षक भी यही था जिसमे दावा किया गया है कि यूपी की एक मस्जिद से फरमान आया है पुलिस वालों को टुकड़े टुकड़े में काटना है. इस ट्वीट को अब तक 1900 से ज्यादा लोगो ने लाइक किया है और 1300 से अधिक लोग इसे रिट्वीट कर चुके है.

जबकि इस खबर को लेकर असल घटना तो कुछ और ही है. दरअसल यह मामला 6 मई 2018 का है शाकिब नाम के एक युवक का शव बागपत के नेहरू रोड के पास एक नाले से बरामद किया गया था. पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने ये निष्कर्ष निकाला कि उसकी मौत डूबने की वजह से हुई है. जबकि पीड़ित परिवार का कहना था कि उसे छह लोगों ने मिलकर मारा है.

इस मेल को लेकर शाकिब के पिता अनिस पुलिस जांच से असंतुष्ट थे और उन्होंने 20 जुलाई, 2018 को क्षेत्राधिकारी के सामने उन्हें धमकी दी थी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह उनके टुकड़े टुकड़े कर देंगे. अगर देखा जाए तो यह एक इंसान द्वारा रोष में आकर एक क्षेत्राधिकारी को दी गई धमकी थी. लेकिन सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकारों को ना जाने कहाँ से मस्जिद से सुनवाई देता हुआ फरमान लगा.

सुदर्शन न्यूज़ ने अपने लेख में समुदाय विशेष को लेकर बहुत जहर उगला है जिसके कुछ अंश हम आपको बताते है. लेख में लिखा है कि सीरिया और ईराक में ही ये हालात देखने को मिलते थे जहाँ पुलिस वालों को चौराहों पर खड़ा करके या तो उनको गोली मारी जाती थी या उनकी गर्दनो को काट दिया जाता था.

भड़काऊ लेख में आगे लिखा है लेकिन अब ठीक वही धमकियां और उसी प्रकार से हमलो का फरमान उत्तर प्रदेश में भी जारी हुआ है. यूपी के बागपत जिले में एक मस्जिद में हुई मुस्लिमों की पंचायत में खुला फरमान आया है उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाजो की हत्या का कर दी जाए.

इस लेख के मुताबिक  वहां मौजूद उन्मादियो के भाषण को देख कर ऐसा लग रहा था जैसे कि वो योगीराज के बजाय तालिबानियों की कोई बैठक हो और उसकी अध्यक्षता कोई दुर्दांत आतंकी कर रहा हो, समाज के रक्षक खाकी वर्दी वालों के नरसंहार के एलान के बाद हिन्दू समाज में भी ऐसे कट्टरपंथ के खिलाफ रोष फ़ैल गया.

सुदर्शन न्यूज़ के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाण के इस ट्विट के बाद बागपत पुलिस के आधिकारिक हैंडल ने एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें क्षेत्राधिकारी को दी गई सार्वजनिक धमकी के बारे में समझाया गया. इसके आलावा उन्होंने कई बार ट्विट करके लोगों को सच्चाई के बारे में बताया.

बागपत पुलिस के एसपी श्री जय प्रकाश ने मस्जिद द्वारा जारी पुलिस बल के नरसंहार के धमकी के दावे को खारिज कर दिया है. वहीँ अभी तक सुरेश चव्हाण द्वारा ना तो मांफी मांगी गई है और ना ही लेख हटाया गया है.