विजय माल्या का बड़ा बयान, भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलकर करी थी बात लेकिन…

नई दिल्ली/लंदन: नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के मामले में पहले ही परेशानियों को सामना कर रही मोदी सरकार के लिए अब देश के अलग-अलग बैंकों से करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए शराब कारोबारी विजय माल्या ने बढ़ा दी है, लंदन कोर्ट के बाहर भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने बयान दिया कि देश छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मुलाकात की थी। माल्या ने कहा कि वह वित्त मंत्री अरुण जेटली से भारत छोड़ने से पहले मामलों को सुलझाने के लिए मिले थे। विजय माल्या पर भारतीय बैंको से करीब 9,000 करोड़ रुपये लोन लेकर भागने का आरोप है।

भारतीय जेलों में उचित हवा और प्रकाश नहीं है

बता दे शराब कारोबारी विजय माल्या 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉंडरिंग के आरोप मामले में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ माल्या ने तर्क दिया कि भारतीय जेलों में उचित हवा और प्रकाश नहीं है। उनकी टीम ने भारतीय जेलो की सेल का निरीक्षण करने की भी मांग की इससे पहले विजय माल्या ने अपनी भारत वापसी को लेकर चल रहे अफ़वाहों पर कहा था कि अगर जज चाहें तो वो भारत वापस आ सकते हैं।

माल्या ने लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उसने भारत छोड़ने से पहले वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर सैटलमेंट की बात कही थी। इससे पहले माल्या ने कहा कोर्ट में पहुंचने से पहले कहा था कि उसने मामले के पूरी तरीके से सैटलमेंट के लिए कर्नाटक कोर्ट में अपील की है और वह सभी का हिसाब चुकता कर देगा।

अरुण जेटली ने माल्या के दावे को ख़ारिज किए

हालाँकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माल्या के दावे को ख़ारिज कर दिया है उन्हें फेक्चुअल सिचुएशन शीर्षक से फ़ेसबुक पर पोस्ट लिखी है और कहा है कि माल्या के दावे में कोई सच्चाई नहीं है, लेकिन माल्या ने दावा किया, यह पहले से तय मीटिंग थी और बैंकों के सेटलमेंट के बारे में फिर से पेशकश की. यही सच्चाई है।

जेटली ने क्या कहा?

अरुण जेटली ने कहा की यह ग़लत है और यह सच को नहीं दर्शाता 2014 से मैंने कभी उन्हें मुलाकात का वक्त नहीं दिया है ऐसे में मुझसे मिलने का सवाल ही नहीं उठता. हालांकि वो राज्यसभा के सदस्य थे और कभी-कभी सदन में भी आया करते थे. ऐसे में उस विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए जब मैं सदन का कार्यवाही के बाद अपने कमरे की ओर जा रहा था तो वो मेरी ओर आए और चलते चलते कहा मैं कर्ज़ चुकता करने का एक ऑफ़र दे रहा हूं।

उनके पहले भी दिए गए इस तरह के झांसे से मैं अवगत था इसलिए मैंने आगे किसी भी बात के करने से इनकार करते हुए उनसे कहा मुझसे बात करने का कोई फ़ायदा नहीं है, आपको बैंक को ऑफ़र देने चाहिए।

मैंने उनके हाथ में पड़े कागज़ को लेने से भी इनकार कर दिया. इस एक वाक्य के अलावा जो उन्होंने राज्यसभा सदस्य होने का फायदा उठाते हुए मुझसे कहा, ताकि उन्हें बैंक के कर्ज़दार होने में व्यावसायिक लाभ मिल सके, उन्हें मीटिंग के लिए मुलाकात का वक्त देने का सवाल ही नहीं उठता।

किंगफिशर एयरलाइन का मालिक

आप को बता दे शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइन का 62 वर्षीय मालिक विजय माल्या भारतीय बैंकों के करीब नौ हज़ार करोड़ रुपये का क़र्ज़ लेकर अप्रैल 2016 में भारत छोड़ कर लंदन भाग गया था उसका दावा है उन्होंने 2016 में भारत छोड़ने से पहले वो वित्त मंत्रीअरुण जेटली से मुलाकात की थी।