मऊ जिले के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी गिरोह के तीन शूटरो को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

मऊ जिले के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के गिरोह के तीन शूटरो को एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है. एसटीएफ की टीम द्वारा राजन पासी सहित तीन बदमाशों को धर दबोचा गया है. इन्हें एसटीएफ की टीम ने शनिवार को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया है.

जानकारी के अनुसार तीनों शूटर सुपारी किलर है और सुपारी लेकर हत्या करने का काम करते है और जहां पर वह दो लोगों की हत्या करने के इरादे से आये थे. इस हत्या को लेकर पूरी प्लानिग मुम्बई से की गई थी. इनके पास से पिस्टल तमंचा कारतूस और एक गाड़ी भी बरामद की गई है.

आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि गिफ्तार किये गए बदमाशों की पहचान गाजीपुर के भांवरकोल निवासी राजन पासी, आजमगढ़ निवासी इन्द्रीज सरोज और जौनपुर निवासी लाल साहब उर्फ मुन्ना यादव के तौर पर हुई है. वहीँ पकड़े गए राजन पासी के नाम पर पहले से भी कई मामले दर्ज है.

राजन श्याम बाबू पासी गैंग का मेम्बर भी यह चूका है और मुख़्तार अंसारी का नजदीकी के रूप में जाना जाता है और उनके गिरोह का शूटर था. एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि यह लोग आजमगढ़ के गंभीरपुर के अछीछीपुर गांव में रहने वाले अवनीश राय और नीरज यादव को मारने के उद्देश्य से आए थे.

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन दोनों की हत्या की सुपारी इन्हें दस दिन पहले मुंबई में दी गई थी और यह सुपारी गांव के ही अरुण कुमार राय और इसके भाई संजय राय द्वारा दी गई थी. हत्या के लिए सुनियोजित योजना बनाई गई थी इसके लिए जासूसी के लिए अवनीश राय के घर में काम करने वाले नौकर से संपर्क किया गया था.

Amitabh Yash

उनके नौकर लाल साहब को इसमें शामिल किया गया था और योजना के अनुसार लाल साहब की सुचना के बाद सबसे पहले अवनीश राय की हत्या करना और इसके बाद नीरज यादव को मौत के घाट उतरना था. इसके अलावा सभी लोगों को बताया गया था की इन हत्याओं को दुर्घटना का रूप दिया जाना है ताकि मामले में किसी का नाम न आ सके.

इसके लिए योजना के अनुसार उन्हें गोली मारने के बाद उनके शरीर को गाड़ी से कुचलना था. सुपारी देकर हत्या करने का कारण पुरानी रंजिश बताई गई है. दरअसल अरुण राय का भाई संजय राय ग्राम प्रधान है चुनाव के दौरान उनके खिलाफ अवनीश ने अपनी पत्नी को मैदान में उतरा तभी से दोनों परिवार में रंजिश थी.

इसलिए वह अवनीश को मरवाना चाहा रहा था वहीँ नीरज यादव द्वारा अरुण राय और संजय राय के खिलाफ एक लूटपाट का मामला दर्ज कराया गया था जिसका बदला लेने के लिए वह नीरज की हत्या करना चाहता था.