मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- अकबर नहीं महाराणा प्रताप थे महान,लेकिन उनके तर्क से बाबर..

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुग़ल सम्राट अकबर को महान मानने से इंकार कर दिया उन्होंने अकबर के स्थान पर महाराणा प्रताप को महान करार देते हुए कहा कि उन्होंने उस समय की सबसे बड़ी सैन्य ताकत से मुकाबला किया था.

उन्होंने जिस शौर्य और पराक्रम का उदाहरण दिया था वह दुर्लभ है. एक न्यूज़ एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध में कौन जीता कौन हारा यह महत्वपूर्ण नहीं है.

महत्वपूर्ण बात यह है कि उस समय की सबसे बड़ी ताकत के सामने अपनी सेना के साथ लड़ते हुए महाराणा प्रताप ने जिस बहादुरी का परिचय दिया था. इस प्रकार के उदाहरण इतिहास में कम ही मिलता है.

उन्होंने कहा इतना ही नहीं वह लड़ाई सिर्फ एक दिन की नहीं थी. यह युद्ध अरावली की पहाड़ियों में कई वर्षों तक लड़ा गया था और उन्होंने अपने सभी दुर्ग और किलों को वापस जीत कर यह बात साबित की थी कि महान अकबर नहीं बल्कि महान राणा प्रताप ही हैं.

जिन्होंने अपने शौर्य और पराक्रम के बल पर भारत के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा उस कालखंड में भी की थी. आगे योगी ने कहा जरा सोचिये अगर अकबर की अधीनता महाराणा प्रताप ने स्वीकार कर ली होती तो क्या आज उस राजवंश को हम राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक के तौर पर सम्मान देते.

उन्होंने कहा कि यही बात आज के समय में हम सब पर भी लागू होती है. हम जब अपने थोड़े से स्वार्थ के लिये अपने समाज धर्म संस्कृति और अपने राष्ट्र के साथ कभी कभी इस प्रकार की छेड़छाड़ करने लगते हैं. जिसकी वजह से अपूरणीय क्षति की सम्भावना बनी रहती है.

मुख्यमंत्री के इस लॉजिक से तो बाबर महान बन जाता है. बाबर ने पानीपत के युद्ध में इब्राहीम लोधी को हराया था. इस युद्ध में बाबर के पास सिर्फ 12 हजार की संख्या में सैनिक थे जबकि सामने एक लाख की सेना के साथ लोधी था.

यह भारत की एक ऐसी जंग थी जिसमें सैनिक बल में इतना ज्यादा अंतर था. इस जंग में कम सेना वाला खेमा जीता महज तीन से चार घंटे में बाबर ने यह युद्ध जीता लिया. योगी ने जो लॉजिक दिया है उसके अनुसार तो बाबर राणा से भी महान साबित हो जायेगा.