वीडियो: हर दिन 30 से भी ज्यादा लड़को के साथ सोने को किया जाता था मजबूर, 43000 से भी अधिक बार हुआ बला!त्कार

से#क्स बाजार जि!स्मफरोशी का एक काला बाजार और आज की दुनिया का एक बड़ा सच है. यह अंधेरे की वह दुनिया है जिसमें जाने वाले कदमों का वापस लौट पाना आसन नही होता है. इस दलदल में आज कल सिर्फ लड़कियां ही नही लड़के भी शामिल है. कुछ लड़कियां मज़बूरी में, कुछ पैसों के लालच में तो कुछ धोखे से उतार दी जाती है. इसके बाद उनके साथ जानवरों से बर्ताब किया है. रोज उनके जिस्म को कई लोग भेड़ियों और कुत्तों की तरह नौचते है.

24 वर्षीय लड़की का खुलासा

ह्मू!मन ट्रैफिकर्स के इस काले बाजार में जबरन उतार दिया जाता है. लेकिन इसके बाद उनके साथ क्या होता है इसका अंदाजा भी नही लगाया जा सकता है. एक ऐसी ही समाज सेविका ने खुलासा किया है कि वह किस तरह इस नर्क में फंसी और इसके बाद उसके साथ क्या हुआ. उसके साथ जो हुआ वह बहुत ही हैरान कर देने वाला रहा है.

मेक्सिको की एक ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट ने अपने साथ हुए एक चौकाने वाले काले सच को उजागर किया है. 24 वर्षीय समाज सेविका कार्ला जैसिंटो ने बताया कि उन्हें इस बाजार में जब उतारा गया तो वह सिर्फ 12 साल की थी. यहां चार साल तक उनके जिस्म को नौचा गया.

चार साल में हुआ 43,000 बार रे#प

उन्होंने बताया कि एक एंटी-ट्रैफिकिंग ऑपरेशन के दौरान प्रॉस्टिट्यूशन से निकाला गया. उस समय उनकी उम्र 16 साल थी. इसके कुछ सालों बाद वह इस सदमे से उबरते हुए ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट बन गई और आज दुनियाभर में ट्रैफिकिंग की शिकार हो रही महिलाओं और लड़कियों की मदद करने में जुटी हुई है.

मेक्सिको समाजसेविका कार्ला जैसिंटो ने बताया कि 12 से 16 साल तक के इन चार सालों में उनके साथ 43 हजार से ज्यादा बार रेप हुआ. ट्रैफिकिंग से पीड़ित हुई कार्ला के अनुसार वह ह्मूमन ट्रैफिकर्स के चंगुल में फंस गई थी और उन्हें रोजाना कम से कम 30 लोगों के साथ सोने को मजबूर किया जाता था.

रोजाना 30 लड़के करते थे से क्स

न्यूज़ 24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने एक चैनल पर अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा था कि 12 से 16 साल के बीच उसके साथ 43 हजार से भी ज्यादा बार रे प हुआ है. इतना ही नही कार्ला के अनुसार उन्हें कम से कम 30 आदमी के साथ हर दिन उसे सोने के लिए मजबूर किया जाता था.

वह हर रोज 30 से भी ज्यादा आदमियों के साथ से क्स करने को मजबूर थे. इस दौरान वह जब भी अपनी दशा पर रोटी थी तो लोग उन पर हंसते रहते थे. कार्ला ने बताया कि वह पहली बार इसका शिकार अपनी बेकार सी फैमिली के कारण 12 साल की उम्र में हुई थी. इसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह नर्क होती चली गई. कार्ला के अनुसार ट्रैफिकिंग का शिकार मेक्सिको में हर साल 20 हजार महिला होती हैं.