केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए जमीअत उलमा-ए-हिन्द बनाएगा 100 घर, लाखों रुपए की आर्थिक सहायता भी देने की घोषणा

नई दिल्ली/ अक्टूबर10,2018: केरल में आई इस सदी की सबसे भयानक बाढ़ ने केरल राज्य को पूरी तरह से तहस-नहस करके रख दिया है| इस प्राकतिक आपदा में तकरीबन अब तक 650 से भी ज्यादा लोगों की मौ त हो चुकी हैं, बुरी खबर ये भी है कि हजारों घर इन आपदा में जमीदोज़ हो गए हैं| इस बाढ़ के बाद लगभग केरल के 50 लाख से भी ज्यादा लोग बद से भी बदतर जीवन जीने को मजबूर हो गए हैं| इस बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों के पास अब कुछ नहीं बचा इसमें 45,000 हेक्टेयर कृषि के लायक जो भूमी थी जिसमे लगे धान, केले, मसालों व अन्य फसलों को पूरी तरह नुक्सान पहुंचा है केरल राज्य की इस विनाशकारी बाढ़ में जान-माल का भी भारी नुकसान हुआ है|

जमीअत उलमा-ए-हिन्द करेगा हर ज़रूरतमंद की मदद

इस भीषण बाढ़ आपदा झेल रहे केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देश और दुनिया भर से लोगो ने दिल खोल कर मदद की केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए गल्फ कॉन्ट्री ने भी खूब मदद इस तबाही के बीच क्या आम, क्या खास सब बाढ़ राहत शिविरों में पीड़ितों की मदद करने से पीछे नहीं हट रहे हैं, अब बाड पीड़ितों के लिए जमीयत उलमा ए हिन्द ने राहत और पुनर्वास का व्यापक काम शुरू कर दिया है|

जमीयत उलेमा के महासचिव मौलाना महमूद मदनी उलेमा के महासचिव-मैं-हिन्द ने केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया इस अवसर पर महमूद मदनी ने बाढ़ पीड़ितों के राहत सामग्री के हजारों पैकेट लोगों में बांटे और अब घरों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया है|

लोग अपना कारोबार फिरसे शुरू कर सकेंगे

मौलाना महमूद मदनी ने यह भी घोषणा की कि पुनर्वास कार्य के पहले चरण के दौरान जमीयत उलेमा-मैं-हिन्द 100 घरों का निर्माण करेगा और ज़रूरतमंद लोगों के लिए 100 पुराने घरों की मरम्मत का काम जल्द ही चालू करवाएगा|  अब तक जमीअत उलमा ए हिन्द ने राहत और पुनर्वास के काम के लिए पांच करोड़ रुपए से भी अधिक राशी खर्च करने का प्रावधान है|

महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने केरल बाढ़ मारे गए लोगो की विधवाओं से भी मुलाकात की और उन्हें सिलाई मशीने वितरित की और नौ व्यक्तियों को अपने छोटे पैमाने के व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए 3.5 लाख रुपए के वितरित किए|

जमीअत उलमा ए हिन्द का ये प्रयास काफी सराहनीय है| अगर ऐसे ही मुसीबत पड़ने के बाद लोग इस तरह दूसरों के लिए मदद करें तो वाकई में वो दिन दूर नहीं जब फिर से लोग इस देश को सोने की चिड़िया के नाम से जानेगे| बहरहाल वक़्त की मार झेल रहे लोगों के लिए ये एक बहुत बड़ी रहत है|