कोंग्रेस ने जारी की 30 लोकसभा उम्मीदवारों की सूची, कई दिग्गज के नाम। जाने कौन कहा

नई दिल्लीः कांग्रेस में तीन राज्यों में मिली जीत के बाद एकाएक स्फूर्ति आ गयी है. देश के राजनीतिक क्षितिज पर कांग्रेस ने भाजपा के राष्ट्रीय विकल्प के रूप में उभरने की रणनीति पर कार्य शुरू कर दिया है. देश की जनता के मन में उठ रहे सवाल कि मोदी के मुकाबले कौन जवाब देगा, इसके जवाब के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद को साबित करने में लगे हैं. वही भाजपा अपनी सत्ता को बचाने में जुटी है।

अब आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नही बचा है.मार्च के शुरुआत में ही आचार संहिता लगने की उम्मीद जताई जा रही है वही प्रदेश में एक दुसरे की धुर विरोधी सपा और बसपा ने गठबंधन करके भाजपा को जहाँ झटका दिया है वही कांग्रेस को भी इन दोनों दलों ने गठबंधन से बाहर कर दिया है।

दरअसल, पिछला विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने सपा के साथ मिलकर लड़ा था। उसका नतीजा यह हुआ कि वह राज्य अपना दल से भी छोटी पार्टी बनकर रह गई। कांग्रेस ने 105 सीटों पर चुनाव लड़ा तथा सात सीटें जीती। जबकि अपना दल ने 11 सीटों पर लड़कर नौ सीटें जीती। कांग्रेस का आंतरिक विश्लेषण बताता है कि अकेले लड़ने में वह इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।

सपा-बसपा गठबंधन में शामिल नहीं होने को लेकर कांग्रेस की उदासीनता भी रही है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने इसके लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.एल. पुनिया भी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को लेकर उनकी सपा-बसपा के साथ कोई बैठक नहीं हुई थी। इस महा गठबन्धन में सपा-बसपा दोनों 37-37 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने पर सहमती बनाई हैं।

अब कांग्रेस भी एक्शन में आ गई है.कांग्रेस हाईकमान ने 30 से ज्यादा नेताओं को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने के संकेत दिया है. कांग्रेस की रणनीति है कि सपा और बसपा को बिना नुक्सान पहुचाये अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने की है।

इन सीटो से लड़ रहे कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक यूपी की जनता सपा-बसपा के बजाय कांग्रेस को ही भाजपा के विकल्प के तौर पर देखती है.वहीं राजस्थान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नतीजों के बाद कांग्रेस के प्रति उसका विश्वास भी बढ़ा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक रायबरेली और अमेठी सीट से सोनिया गांधी और राहुल गांधी का लड़ना तय है जबकि फैजाबाद से निर्मल खत्री बांदा से नसीमुद्दीन सिद्दीकी कुशीनगर से अजय कुमार लल्लू और धौरहरा से जितिन प्रसाद का टिकट भी करीब-करीब फाइनल हो चुका है। वहीं सुल्तानपुर से डॉ संजय सिंह इलाहाबाद से प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ से राजकुमारी रत्ना सिंह हैं।

बाराबंकी से तनुज पुनिया उन्नाव से अनु टंडन कानपुर से श्रीप्रकाश जायसवाल अकबरपुर से राजाराम आगरा से राज बब्बर मुरादाबाद से बेगम नूर बानो बरेली से प्रवीण सिंह ऐरन वाराणसी से अजय रॉय पडरौना से आरपीएन सिंह भदोही से राजेश मिश्रा मिर्जापुर से ललितेश त्रिपाठी झांसी से प्रदीप जैन फतेहपुर से अभिमन्यु सिंह है।

सहारनपुर से इमरान मसूद देवरिया से अखिलेश प्रताप सिंह बस्ती से केशव चंद्र फर्रुखाबाद से सलमान खुर्शीद फूलपुर से एएन सिंह और इटावा से अशोक सिंह समेत 30 से ज्यादा नेताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए कहा गया है।

वही आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश मे बसपा और सपा ने मिलक कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. वही दोनो पार्टियो ने कांग्रेस को अपने गठबन्धन मे शामिल नही किया है।