वीडियो: महिला IPS अफसर की दादागिरी ने कहा- दलितों-मुसलमानों को बांधकर पिटती हूँ, झूठे केस में फंसा देती हूँ

पिछले कुछ सालों से देश भर में दलितों और मुस्लिमों पर होने वाले अत्याचारों में इजाफा हुआ है. एक के बाद एक बड़ी घटनाएं आए दिन देखने को मिल रही है जो हमारे सिस्टम और प्रशासन को कई प्रश्न चिन्ह लगाती है. एक ऐसा ही शर्मनाक वीडियो एक बार फिर से सामने आया है जो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बड़ी बात यह है कि यहां रक्षक ही भक्षक के अवतार में नजर आ रहे है. वीडियो में देखा जा रहा है कि एक महिला पुलिस अधिकारी किस तरह से अपनी वर्दी का दुरूपयोग कर रही हैं.

वायरल वीडियो में नजर आ रही यह महिला देश की एक आईपीएस अफसर है जो महाराष्ट्र के बीड में कार्यरत है. इन्हें वीडियो में बड़े गर्व के साथ यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह अपनी वर्दी के दम पर दलितों और मुसलमानों को प्रताड़ित करती हैं.

इतना ही नही वायरल वीडियो में महिला अधिकारी ने यह बात भी स्वीकार की है कि उन्होंने 21 निर्दोष दलितों पर फर्जी केस दर्ज करके उनकी किस तरह पिटाई की है. महिला अफसर के मुताबिक यह सब दलित एससी-एसटी एक्ट के तहत अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए उनके पास आए थे.

लेकिन उन्होंने उल्टा इन्ही दलितों पर कई फर्जी केस लगाते हुए उनकी बड़ी बेहरमी से पिटाई की. बातचीत का यह वीडियो मराठी भाषा में है जिसमें भाग्यश्री नवटाके कहती है कि पिछले छह महीनों में मैंने 21 दलितों की धुलाई की है उन्हें पीटा है न जिन्होंने दुकानें लूटी थीं उन्हें भी पीटा है.

वह आगे कहती है कि मैंने मुस्लिमों को भी पीटा है और उन पर गलत तरीके से धारा 307 लगाई ताकि उन्हें ज़मानत ही न मिल सके. भाग्यश्री कहती हैं कि तुम्हें पता है दलितों को कैसे पीटते हैं हम, हम उनके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर फिर उन्हें पीटते हैं एट्रोसिटी का पूरा गुस्सा हमने उन पर निकाला है.

वीडियो में महिला आईपीएस के साथ पांच लोग और नज़र आ रहें हैं अभी तक उनकी पहचान नही हो सकी है. बता दें कि वीडियो सामने आने के बाद बहुजन विकास मोर्चा के नेता बाबूराव पोटभरे ने भाग्यश्री नवटाके के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. उनका कहना है कि महिला अधिकारी का दलितों और मुस्लिमों के विरोध में ऐसा व्यवहार पहले भी देखने को मिला है.