पुलिस की बड़ी कार्यवाही, जब्त की गई मंत्री गोयल के नाम की 66 प्रतीकात्मक ईवीएम प्रचार सामग्री

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग में महज दो दिन पहले एक बड़ी खबर सामने आई हैं. इस मामले ने देश भर में चल रहे चुनावी प्रिक्रियाओं को कई सवाल उठने लगे हैं. यह मामला राजस्थान के ब्यावर शहर से सामने आया है. इस मामले के सामने आने के बाद से ही सियासी माहौल गर्माने लगा है. सोमवार को शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित एक मकान पर छ्पेमारी की गई इसके बाद जो कुछ सामने आया है उसने देश की चुनावी प्रक्रिया और राज्य और केंद्र सरकार को शक और सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया हैं.

दरअसल इस मकान से भारी मात्रा में इवीएम प्रचार सामग्री जब्त की गई हैं. बताया जा रहा है कि पुलिस ने छापेमारी में 66 प्रतीकात्मक ईवीएम प्रचार सामग्री को जब्त किया हैं. बताया जा रहा है कि इन मशीनों पर जैतारण विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में डट रहे सुरेन्द्र गोयल का नाम और चुनाव चिह्न पाया गया हैं.

पुलिस ने सभी साम्रगी को जब्त करके मामले की सुचना जैतारण के रिटर्निंग अधिकारी को दे दी है. इलाके में प्रतीकात्मक ईवीएम प्रचार सामग्री पकड़े जाने का यह पहला मामला सामने आया हैं. पुलिस ने देर रात छापेमारी की कार्यवाही की.

ब्यावर शहर थानाधिकारी रविन्द्रप्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि हाउसिंग बोर्ड स्थित एक मकान में प्रतीकात्मक ईवीएम प्रचार साम्रगी होने की सुचना मुखबिर से मिली थी जिसके बाद एक मकान पर छपा मारा गया जहां से 66 प्रतीकात्मक ईवीएम मशीनें जब्त की गई हैं.

इन मशीनों पर जैतारण क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी सुरेन्द्र गोयल का चुनाव चिन्ह व नाम अंकित किया हुआ है अन्य किसी प्रत्याशी का नाम या फिर चुनाव चिह्न अंकित नहीं था. पुलिस ने सामग्री जब्त करके थाने में ले आई है, थाना पुलिस के मुताबिक दस रुपए से अधिक कीमत की प्रचार सामग्री का भंडारण होने पर उसे जब्त करने का प्रावधान हैं.

उन्होंने बताया कि इस सामग्री का खर्च भी प्रत्याशी के जुड़ेगा और प्रत्याशी बिल पेश कर इसे छुड़वा सकेगा. सुरेन्द्र गोयल मौजूदा वसुंधरा सरकार में मंत्री है. बीजेपी से टिकट नही मिलने पर वह बागी होकर मैदान में उतरे हैं. वह इससे पहले भी मंत्री पद पर रह चुके है.